Essay on corruption in hindi. Short Essay on Corruption in Hindi : भ्रष्टाचार पर निबंध 2019-01-09

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Bhrashtachar Essay Corruption Paragraph Hindi

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Smugglers, black marketeers and hoarders should be severely dealt with. Publish your original essays now. भ्रष्टाचार का अर्थ तथा स्वरूप । 3. It is spoken by more than 437 million people in the world. It is when work just cannot be done in the correct procedure that most people tend to become corrupt just to get their work done, together with the reward and punishment system the working system should be made more efficient then, I presume there will be less and even negligible corruption.

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Short Essay on Corruption in Hindi : भ्रष्टाचार पर निबंध

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The education system of the country should be re-oriented to inculcate a spirit of honesty amongst the people. The word corruption comes from the Latin corruptio, that means alteration or seduction;. Wilson was superintendent of the Chicago Police Department during the early nineteen sixties. The first thing that we should analyse is that why do we do any work in a wrong way? The law of the land should be provided with more teeth to deal with the corrupt elements. One feels like crying out with Shakespeare.


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Short Essay on Corruption in Hindi : भ्रष्टाचार पर निबंध

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Bill Clinton, Discrimination, Equal Employment Opportunity Commission 1752 Words 5 Pages Hindi Nationalism This piece on Hindu nationalism, written by Alok Rai, deals with the coming of modern Hindi in the late 90s and the early 20s. Besides there is no bonus or incentive for the honest. Before publishing your Articles on this site, please read the following pages: 1. The petty corruption is usually linked with the lower salary employees and generally considered as facilitating payments, whereas, the grand corruption is associated with the high level bureaucracy. धन को ही सर्वस्व समझने के कारण । 6.

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भ्रष्टाचार: कारण और रोकथाम पर निबंध

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The skeletons in a large number of cup-boards are however, coming out and many nightly ministers, politicians and bureaucrats and being exposed. Documents and office files to not move unless we grease the palm of the concerned officials. People are beginning to take corruption for granted. Even our anti-corruption departments fall an easy prey to the viles of the corrupt persons and they let them go scot free after minor punishment. Police corruption can take the form of a variety of criminal activities ranging from actual commission of serious criminal i. It depicts the Church as being ruled by power hungry popes who abuse their positions.


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कैसे बनेगा भ्रष्टाचार मुक्त भारत

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They become overwhelmed with their own self desires and goal to gain material possession that it blocks their true vision of innocence and morality. भ्रष्टाचार के कारण: भ्रष्टाचार के कारण हैं: 1. Ministers and senior officials must set noble examples of an honest living free from corruption, bribery, nepotism and immorality. इउच्च विश्व विद्यालयों में दाखला- जो लोग किसी युनिवर्सटी में दाखिला लेने के योग्य नहीं होते वो पैसा देकर सीट खरीदते है। 3. इसलिए जो लोग सरकार बनाते हैं उसमे ज्यादातर करप्ट लोग ही होते हैं…और अगर थोड़े से भी बेईमान आदमी को पॉवर मिल जाती है तो उसे महा बेईमान बनने में देर नहीं लगती… वो कहते भी तो हैं — Power corrupts and absolute power corrupts absolutely. As a result, many low level officials in governmental institutions and agencies who daily rob citizens of Ghana for services rendered are left off the hook. Deller English Course Sunday, September 14 hemingway essay At a very young age, Ernest Hemingway will develop a special love for manly activities.


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Essay on “Corruption in India” Complete Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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भ्रष्टाचार: समस्या और समाधान Essay on Corruption: Problem and its Solution for School Students in Hindi Language भ्रष्टाचार शब्द के योग में दो शब्द हैं, भ्रष्ट और आचार । भ्रष्ट का अर्थ है बुरा या बिगड़ा हुआ और आचार का अर्थ है आचरण । भ्रष्टाचार का शाब्दिक अर्थ हुआ-वह आचरण जो किसी प्रकार से अनैतिक और अनुचित है । हमारे देश में भ्रष्टाचार दिनों दिन बढ़ता जा रहा है । यह हमारे समाज और राष्ट्र के सभी अंगों को बहुत ही गंभीरतापूर्वक प्रभावित किए जा रहा है । राजनीति, समाज, धर्म, संस्कृति, साहित्य, दर्शन, व्यापार, उद्योग, कला, प्रशासन आदि में भ्रष्टाचार की पैठ आज इतनी अधिक हो चुकी है कि इससे मुक्ति मिलना बहुत कठिन लग रहा है । चारों ओर दुराचार, व्यभिचार, बलात्कार, अनाचार आदि सभी कुछ भ्रष्टाचार के ही प्रतीक हैं । इन्हें हम अलग-अलग नामों से तो जानते हैं लेकिन वास्तव में ये सब भ्रष्टाचार की जड़ें ही हैं । इसलिए भ्रष्टाचार के कई नाम-रूप तो हो गए हैं, लेकिन उनके कार्य और प्रभाव लगभग समान हैं या एक-दूसरे से बहुत ही मिलते-जुलते हैं । भ्रष्टाचार के कारण क्या हो सकते हैं । यह सर्वविदित है । भ्रष्टाचार के मुख्य कारणों में व्यापक असंतोष पहला कारण है । जब किसी को कुछ अभाव होता है और उसे वह अधिक कष्ट देता है, तो वह भ्रष्ट आचरण करने के लिए विवश हो जाता है । भ्रष्टाचार का दूसरा कारण स्वार्थ सहित परस्पर असमानता है । यह असमानता चाहे आर्थिक हो, सामाजिक हो या सम्मान पद-प्रतिष्ठ आदि में जो भी हो । जब एक व्यक्ति के मन में दूसरे के प्रति हीनता और ईर्ष्या की भावना उत्पन्न होती है, तो इससे शिकार हुआ व्यक्ति भ्रष्टाचार को अपनाने के लिए बाध्य हो जाता है । अन्याय और निष्पक्षता के अभाव में भी भ्रष्टाचार का जन्म होता है । जब प्रशासन या समाज किसी व्यक्ति या वर्ग के प्रति अन्याय करता है, उसके प्रति निष्पक्ष नहीं हो पाता है, तब इससे प्रभावित हुआ व्यक्ति या वर्ग अपनी दुर्भावना को भ्रष्टाचार को उत्पन्न करने में लगा देता है । इसी तरह से जातीयता, साम्प्रदायिकता, क्षेत्रीयता, भाषावाद, भाई-भतीजावाद आदि के फलस्वरूप भ्रष्टाचार का जन्म होता है । इससे चोर बाजारी, सीनाजोरी दलबदल, रिश्वतखोरी आदि अव्यवस्थाएँ प्रकट होती हैं । भ्रष्टाचार के कुपरिणामस्वरूप समाज और राष्ट्र में व्यापक रूप से असमानता और अव्यवस्था का उदय होता है । इससे ठीक प्रकार से कोई कार्य पद्धति चल नहीं पाती है और सबके अन्दर भय, आक्रोश और चिंता की लहरें उठने लगती हैं । असमानता का मुख्य प्रभाव यह भी होता है कि यदि एक व्यक्ति या वर्ग बहुत प्रसन्न है, तो दूसरा व्यक्ति या वर्ग बहुत ही निराश और दुःखी है । भ्रष्टाचार के वातावरण में ईमानदारी और सत्यता तो छूमन्तर की तरह गायब हो जाते हैं । इनके स्थान पर केवल बेईमानी और कपट का प्रचार और प्रसार हो जाता है । इसलिए हम कह सकते हैं कि भ्रष्टाचार का केवल दुष्प्रभाव ही होता है इसे दूर करना एक बड़ी चुनौती होती है । भ्रष्टाचार के द्वारा केवल दुष्प्रवृत्तियों और दुश्चरित्रता को ही बढ़ावा मिलता है । इससे सच्चरित्रता और सद्प्रवृत्ति की जडें समाप्त होने लगती हैं । यही कारण है कि भ्रष्टाचार की राजनैतिक, आर्थिक, व्यापारिक, प्रशासनिक और धार्मिक जड़ें इतनी गहरी और मजबूत हो गई हैं कि इन्हें उखाड़ना और इनके स्थान पर साफ-सुथरा वातावरण का निर्माण करना आज प्रत्येक राष्ट्र के लिए लोहे के चने चबाने के समान कठिन हो रहा है । नकली माल बेचना, खरीदना, वस्तुओं में मिलावट करते जाना, धर्म का नाम ले-लेकर अधर्म का आश्रय ग्रहण करना, कुर्सीवाद का समर्थन करते हुए इस दल से उस दल में आना-जाना, दोषी और अपराधी तत्त्वों को घूस लेकर छोड़ देना और रिश्वत लेने के लिए निरपराधी तत्त्वों को गिरफ्तार करना, किसी पद के लिए एक निश्चित सीमा का निर्धारण करके रिश्वत लेना, पैसे के मोह और आकर्षण के कारण हाय-हत्या, प्रदर्शन, लूट-पाट-चोरी कालाबाजारी, तस्करी आदि सब कुछ भ्रष्टाचार के मुख्य कारण हैं । भ्रष्टाचार की जड़ों को उखाड़ने के लिए सबसे पहले यह आवश्यक है कि हम इसके दोषी तत्त्वों को ऐसी कडी-से-कड़ी सजा दें कि दूसरा भ्रष्टाचारी फिर सिर न उठा सके । इसके लिए सबसे सार्थक और सही कदम होगा । प्रशासन को सख्त और चुस्त बनना होगा । न केवल सरकार अपितु सभी सामाजिक और धार्मिक संस्थाएँ, समाज और राष्ट्र के ईमानदार, कर्त्तव्यनिष्ठ सच्चे सेवकों, मानवता एवं नैतिकता के पुजारियों को प्रोत्साहन और पारितोषिक दे-देकर भ्रष्टाचारियों के हीन मनोबल को तोड़ना चाहिए । इससे सच्चाई, कर्त्तव्यपरायणता और कर्मठता की वह दिव्य ज्योति जल सकेगी । जो भ्रष्टाचार के अंधकार को समाप्त करके सुन्दर प्रकाश करने में समर्थ सिद्ध होगी । 6. The voter may vote for any of the following: Provincial-level: One governor. Some of the steps necessary to take. Commonly known types are 1 Systematic corruption 2 Sporadic individual corruption 3 Political. It is a matter of shame and regret for all thee who care to hear the call of their conscience. इसी तरह अगर भ्रष्टाचार रोकना है तो हमें इसमें दोषी पाए गए लोगों की ही मदद लेनी चाहिए कि इसे रोका कैसे जाए! Once we are able to curb.

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Corruption Essay In Hindi Free Essays

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Asha Bhosle, Bollywood, Cinema of India 1014 Words 3 Pages Critical Essay Analysis Public Corruption Aimee L. यदि आपके पास Hindi में कोई article, story, business idea या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. Dishonest public servants should not only be dismissed, but should also be publicly flogged and put behind the bards. जब कोई व्यक्ति न्याय व्यवस्था के मान्य नियमों के विरूद्ध जाकर अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए गलत आचरण करने लगता है तो वह व्यक्ति भ्रष्टाचारी कहलाता है। आज भारत जैसे सोने की चिड़िया कहलाने वाले देश में भ्रष्टाचार अपनी जड़े फैला रहा है। आज भारत में ऐसे कई व्यक्ति मौजूद हैं जो भ्रष्टाचारी है। आज पूरी दुनिया में भारत भ्रष्टाचार के मामले में 94वें स्थान पर है। भ्रष्टाचार के कई रंग-रूप है जैसे रिश्वत, काला-बाजारी, जान-बूझकर दाम बढ़ाना, पैसा लेकर काम करना, सस्ता सामान लाकर महंगा बेचना आदि। भ्रष्टाचार के कई कारण है। जानिए. This is exactly what has happened in India.


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Essay on Corruption in Hindi Language

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The vigilance department should keep a constant eye on the corrupt officers and other public servants. One cannot get the official copy of court judgement from the copying agency in a court unless one pays a fat sum to the agency typist in addition to the official court fee. In india corruption is from the very root. With this process continuing for decades, today, the ratio between the corrupt and honest keeps varying in large proportions the sight of honest being minimal and the graph of the corrupt continuously on the rise. Corruption in India has become so common that people now are averse to thinking of public life with it.


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Bhrashtachar Essay Corruption Paragraph Hindi

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It has been prevalent in society since ancient times. Corruption, Corruption Perceptions Index, Democracy 2969 Words 13 Pages create flashcards for free at Cram. This indicates that the witches will play a part in the. As things stand today, whole world is keenly watching how widespread corruption is in India and how an indifferent government is taking its poor citizens for a ride. For these simple reasons, the right and honest method of doing work is long forgotten and corrupt practices have become the way of life. Posted on August 19 , 2011 by Manasi Kakatkar-Kulkarni Cooperation The Story of Two Immigrant Entrepreneurs Over the past week, the anti- corruption movement led by Anna Hazare has spread spontaneously and captured the attention of a cross section of people globally. Corruption has progressively increased and is now rampant in our society Corruption in India is a consequence of the nexus between Bureaucracy, politics and criminals.

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